“2026 के संघीय बजट में सतत विकास पर जोर देते हुए रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है, जबकि दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट कैपिटल पर फोकस रहेगा। ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन के तहत AI, DPI और स्टार्टअप्स को टैक्स राहत और R&D फंडिंग मिल सकती है, जो भारत को ग्लोबल लीडर बनाने में मदद करेगी।”
2026 के संघीय बजट में सतत विकास को प्राथमिकता देने की उम्मीद है, जहां क्लीन एनर्जी सेक्टर को मजबूत करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन पर बड़े निवेश की घोषणा हो सकती है। इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि बजट में क्लाइमेट एक्शन को तेज करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का फंड आवंटित किया जा सकता है, जो न्यूक्लियर एनर्जी और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को सपोर्ट करेगा। इससे भारत की नेट-जीरो एमिशन टारगेट 2070 तक हासिल करने में मदद मिलेगी, जबकि ईवी मोबिलिटी और सोलर प्रोजेक्ट्स को टैक्स इंसेंटिव्स के जरिए बूस्ट दिया जाएगा।
दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर फोकस रहेगा, जहां पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया जा सकता है। इससे प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को क्राउड इन करने में मदद मिलेगी, खासकर एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में। टैक्स सर्टेनिटी को सुनिश्चित करने के लिए रिफॉर्म्स लाए जा सकते हैं, जैसे कि हाइब्रिड और स्टोरेज-लिंक्ड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के लिए टैक्स राहत, जो लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल रेजिलिएंस को मजबूत करेगी। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह बजट विकसित भारत 2047 की विजन को सपोर्ट करेगा, जहां ब्लू इकोनॉमी और क्रिटिकल मिनरल्स पर निवेश बढ़ाकर ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की पोजिशन मजबूत होगी।
ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में AI, SaaS और फिनटेक सेक्टर्स पर जोर दिया जा सकता है, जहां इंडियाAI मिशन के तहत 103.7 अरब रुपये का फंड आवंटित होगा। इससे टियर-2 सिटीज में AI हब्स विकसित किए जाएंगे, जो रिजनल स्पेशलाइजेशन को बढ़ावा देंगे। स्टार्टअप्स के लिए R&D हब्स और इंक्यूबेशन प्रोग्राम्स को सपोर्ट मिलेगा, जबकि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को मजबूत करने के लिए पॉलिसी डायरेक्शन दिए जाएंगे। इससे एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन बढ़ेगा, खासकर गेमिंग, ईस्पोर्ट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में, जहां टैक्स रेशनलाइजेशन के जरिए ग्रोथ को तेज किया जाएगा।
बजट में सस्टेनेबल कंजम्प्शन को बढ़ावा देने के लिए रिन्यूएबल्स, सोलर और ईवी सेक्टर्स पर फोकस रहेगा, जो सस्टेनेबल एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज को अपनाने में मदद करेगा। क्रॉप डायवर्सिफिकेशन और पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सपोर्ट दिया जाएगा, जबकि कोऑपरेटिव सेक्टर के लिए NCDC को लेंडिंग ऑपरेशंस के लिए फंड मिलेगा। इससे फार्मर्स को फूड बास्केट ऑफ द वर्ल्ड बनाने में मदद मिलेगी, जहां जीरो-पॉवर्टी और 100% स्किल्ड लेबर पर फोकस रहेगा।
प्रमुख सेक्टर्स में अपेक्षित आवंटन
| सेक्टर | अपेक्षित फंडिंग (करोड़ रुपये में) | मुख्य फोकस क्षेत्र |
|---|---|---|
| रिन्यूएबल एनर्जी | 50,000+ | सोलर, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | 10 लाख | पब्लिक कैपेक्स, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट |
| AI और इनोवेशन | 1 लाख | इंडियाAI मिशन, R&D हब्स |
| एमएसएमई | 20,000 | ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्किलिंग |
| एग्रीकल्चर | 15,000 | सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज, क्रॉप डायवर्सिफिकेशन |
इन आवंटनों से सस्टेनेबल ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा, जहां ब्लू इकोनॉमी और ग्रीन फाइनेंस को प्राथमिकता दी जाएगी। टैक्स रिफॉर्म्स के तहत इनकम टैक्स थ्रेशोल्ड्स को बढ़ाया जा सकता है, जैसे कि इंटरेस्ट ऑन सिक्योरिटीज के लिए TDS थ्रेशोल्ड 10,000 रुपये तक, जो इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स को प्रोत्साहित करेगा।
ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन के तहत फिनटेक और SaaS सेक्टर्स को टैक्स क्लैरिटी मिल सकती है, जहां जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स) को सपोर्ट किया जाएगा। इससे टेक एक्सपोर्ट्स 224 बिलियन डॉलर से आगे बढ़ेंगे, जबकि गेमिंग इंडस्ट्री में AVGC फ्रेमवर्क के तहत फंडिंग बढ़ेगी। इंडस्ट्री लीडर्स का कहना है कि बजट में मल्टीलिंगुअल AI को बढ़ावा दिया जाएगा, जो इंक्लूसिव डिजिटल सर्विसेज को सुनिश्चित करेगा।
दीर्घकालिक निवेश को मजबूत करने के लिए बॉन्ड्स को इक्विटीज के साथ कॉम्पिटिटिव बनाने के उपाय लाए जा सकते हैं, जहां सस्टेनेबल फाइनेंस को ULI (यूनिवर्सल लेंडिंग इंटरफेस) के जरिए फास्ट-ट्रैक किया जाएगा। इससे एमएसएमई को कैपिटल एक्सेस में आसानी होगी, जबकि रेपो रेट रिडक्शन 200 bps तक हो सकता है, जो ग्लोबल ट्रेड में भारत को कॉम्पिटिटिव एज देगा।
सतत विकास के लिए बजट में क्लाइमेट रेजिलिएंस को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां अर्बन रेजिलिएंस और एनर्जी ट्रांजिशन पर फोकस रहेगा। ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स पर निवेश बढ़ाकर भारत को ग्लोबल लीडर बनाया जाएगा, जबकि सोशल गवर्नेंस रिफॉर्म्स से इंडिया इंक की रेजिलिएंस मजबूत होगी।
बजट से जुड़े प्रमुख पॉइंट्स
सस्टेनेबल एनर्जी : न्यूक्लियर एनर्जी के लिए 100 GW टारगेट, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर R&D।
इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी : फिस्कल डिसिप्लिन के साथ टारगेटेड सपोर्ट, प्राइवेट कैपिटल को अनलॉक करने के उपाय।
इनोवेशन इकोसिस्टम : डिस्ट्रिब्यूटेड AI हब्स, टियर-2 सिटीज में फ्यूचरस्किल्स पिलर।
ग्राहक फोकस : मल्टीलिंगुअल AI, DPI इंटीग्रेशन सेक्टर-वाइज सॉल्यूशंस में।
रिस्क मैनेजमेंट : रेगुलेटरी फ्रैगमेंटेशन से बचने के लिए हार्मोनाइज्ड स्टैंडर्ड्स।
बजट में एग्रीकल्चर को सस्टेनेबल बनाने के लिए NCDC को सपोर्ट मिलेगा, जबकि एम्प्लॉयमेंट-लेड डेवलपमेंट के लिए स्किलिंग प्रोग्राम्स बढ़ाए जाएंगे। इससे 70% महिलाओं को इकोनॉमिक एक्टिविटीज में शामिल किया जा सकेगा, जो इंक्लूसिव ग्रोथ को सुनिश्चित करेगा।
दीर्घकालिक निवेश के लिए एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां मेक इन इंडिया को फर्थर किया जाएगा। टेक सेक्टर में बजट से AI टैलेंट डेवलपमेंट पर फोकस रहेगा, जो डिजिटल डिवाइड को ब्रिज करेगा। ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन से फिनटेक और कंज्यूमर इंडस्ट्री में ट्रांसफॉर्मेशन आएगा, जहां सस्टेनेबल कंजम्प्शन को प्रोमोट किया जाएगा।
बजट में रिजनल डायनेमिक्स को ध्यान में रखते हुए मेट्रो हब्स जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई को AI डिप्लॉयमेंट के लिए सपोर्ट मिलेगा, जबकि एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स में एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर के लिए AI सॉल्यूशंस लाए जाएंगे। इससे इंक्लूसिव AI एडॉप्शन को बढ़ावा मिलेगा, जो भारत की डिजिटल इकोनॉमी को रेजिलिएंट बनाएगा।
सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में ग्रीन फाइनेंस और क्लीन-टेक मैन्युफैक्चरिंग पर जोर रहेगा, जहां सोशल गवर्नेंस रिफॉर्म्स से इंडस्ट्री की रेजिलिएंस बढ़ेगी। दीर्घकालिक निवेश में प्राइवेट सेक्टर पार्टिसिपेशन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन से न्यू वेंचर्स और हाई-वैल्यू जॉब्स क्रिएट होंगे।
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