महारत्न कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में हालिया तिमाही नतीजों के बाद 5% से अधिक की गिरावट आई है, जहां प्रॉफिट में तीन गुना वृद्धि के बावजूद मार्जिन्स और एक्जीक्यूशन की चिंताओं ने निवेशकों को निराश किया। प्रमुख ब्रोकरेज हाउस जैसे कोटक और इन्वेस्टेक ने ‘सेल’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस घटाया, जबकि जेएम फाइनेंशियल और नुवामा ने ‘बाय’ रेटिंग दी। स्टॉक का औसत टारगेट अब ₹252-₹314 के बीच है, जो 19% तक अपसाइड दिखाता है, लेकिन शॉर्ट-टर्म रिस्क बढ़ गया है।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों ने हालिया ट्रेडिंग सेशन में तीव्र गिरावट दर्ज की, जहां स्टॉक ने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹305 से गिरकर ₹248 तक का सफर तय किया। यह गिरावट दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजों के बाद आई, जिसमें कंपनी ने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹382.49 करोड़ रिपोर्ट किया, जो पिछले साल के ₹124.77 करोड़ से तीन गुना अधिक है। रेवेन्यू में भी 16.4% की वृद्धि देखी गई, मुख्य रूप से इंडस्ट्री सेगमेंट के योगदान से। हालांकि, ग्रॉस मार्जिन्स 30.8% पर गिर गए, जो लो-मार्जिन लेगेसी प्रोजेक्ट्स की तेज एक्जीक्यूशन के कारण हुआ।
ब्रोकरेज हाउसेज ने इस परफॉर्मेंस को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी, लेकिन अधिकांश ने एक्जीक्यूशन स्पीड, ऑर्डर इनफ्लो और कैश फ्लो की कमजोरी पर चिंता जताई। प्रभुदास लिलाधर ने EPS अनुमानों में 18.9% की कटौती की और ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹245 कर दिया। इसी तरह, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने ‘सेल’ रेटिंग दी और टारगेट ₹120 तय किया, जो मौजूदा स्तर से 55% डाउनसाइड दिखाता है। इन्वेस्टेक ने सबसे नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया, ‘सेल’ रेटिंग के साथ टारगेट ₹70 रखा, जो 73% गिरावट का संकेत देता है।
दूसरी ओर, जेएम फाइनेंशियल ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट ₹355 तय किया, जबकि नुवामा ने भी ‘बाय’ दिया और टारगेट ₹353 रखा। ये ब्रोकरेजेस लॉन्ग-टर्म आउटलुक पर पॉजिटिव हैं, खासकर थर्मल पावर पाइपलाइन और चाइनीज इंपोर्ट्स से सीमित रिस्क के कारण। कुल मिलाकर, 18 एनालिस्ट्स के कंसेंसस से औसत टारगेट प्राइस ₹252.72 है, जो मौजूदा प्राइस से -4% डाउनसाइड दिखाता है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में 19.63% अपसाइड का अनुमान है।
BHEL का ऑर्डर बैकलॉग मजबूत बना हुआ है, लेकिन एक्जीक्यूशन में देरी ने निवेशकों का विश्वास डिगाया। कंपनी ने 10.2 GW प्री-तलचेर प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ाया, जो मार्जिन्स को प्रभावित कर रहा है। कैश फ्लो भी कमजोर रहा, जो ऑपरेशनल चुनौतियों को उजागर करता है। स्टॉक का P/E रेशियो FY27 के लिए 28.2x और FY28 के लिए 20.3x पर ट्रेड कर रहा है, जो सेक्टर एवरेज से ऊपर है।
ब्रोकरेज रेटिंग्स और टारगेट प्राइस की तुलना
| ब्रोकरेज हाउस | रेटिंग | टारगेट प्राइस (₹) | पिछले टारगेट से बदलाव | मुख्य चिंता/कारण |
|---|---|---|---|---|
| प्रभुदास लिलाधर | होल्ड | 245 | घटाया (पहले 250) | स्लो एक्जीक्यूशन, EPS कटौती 18.9% |
| कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी | सेल | 120 | घटाया (पहले 125) | कमजोर कैश फ्लो, ग्रॉस मार्जिन्स में गिरावट |
| इन्वेस्टेक | सेल | 70 | कोई बदलाव नहीं | एक्जीक्यूशन टाइमलाइन्स में रिस्क, मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट |
| जेएम फाइनेंशियल | बाय | 355 | घटाया (पहले 363) | EBITDA मार्जिन मिस, लेकिन लॉन्ग-टर्म पाइपलाइन मजबूत |
| नुवामा | बाय | 353 | कोई बदलाव नहीं | लो-मार्जिन प्रोजेक्ट्स का असर, PAT अनुमान से 26% कम |
यह टेबल दर्शाती है कि जहां कुछ ब्रोकरेजेस शॉर्ट-टर्म रिस्क पर फोकस कर रही हैं, वहीं अन्य लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर भरोसा जता रही हैं। BHEL के स्टॉक ने जनवरी में अब तक 15% की गिरावट दर्ज की, जो कुल मार्केट कैप को ₹88,000 करोड़ से नीचे ले आई।
BHEL के परफॉर्मेंस हाइलाइट्स
रेवेन्यू ग्रोथ : Q3 में 16.4% बढ़कर रेवेन्यू हासिल किया, मुख्य रूप से इंडस्ट्री सेगमेंट से।
प्रॉफिट जंप : नेट प्रॉफिट तीन गुना बढ़ा, लेकिन EBITDA मिस केवल 2% तक सीमित रहा।
मार्जिन प्रेशर : ग्रॉस मार्जिन्स 30.8% पर गिरे, लेगेसी प्रोजेक्ट्स की वजह से।
ऑर्डर इनफ्लो : 1.25 गुना रेवेन्यू के बराबर रहा, लेकिन ट्रेंड में मॉडरेशन।
स्टॉक मूवमेंट : 4-डे डिक्लाइन में 19% गिरावट, NSE पर ₹251.90 तक ट्रेड।
मार्केट पोजिशन : महारत्न PSU के रूप में, BHEL पावर प्लांट इक्विपमेंट में लीडर है, लेकिन कॉम्पिटिशन और इंपोर्ट्स से चुनौती।
एनालिस्ट्स का मानना है कि BHEL की इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग में कमी और वराणसी कैपेक्स प्लान का ड्रॉप (₹1,000 करोड़) आगे की चुनौतियां बढ़ा सकता है। हालांकि, थर्मल पावर सेक्टर में मजबूत पाइपलाइन और गवर्नमेंट सपोर्ट से रिकवरी संभव है। निवेशक अब FY26 EPS अनुमानों पर नजर रखेंगे, जो ब्रोकरेजेस द्वारा घटाए गए हैं।
संभावित रिस्क और अवसर
रिस्क : एक्जीक्यूशन डिले से ऑर्डर बैकलॉग का प्रभाव, जिससे कैश फ्लो प्रभावित।
अवसर : थर्मल पावर में 10.2 GW प्रोजेक्ट्स की कंप्लीशन से मार्जिन्स में सुधार।
मार्केट सेंटिमेंट : PSU स्टॉक्स में ओवरऑल वोलेटिलिटी, लेकिन इंडिया की एनर्जी डिमांड से बूस्ट।
इंडस्ट्री ट्रेंड : चाइनीज इंपोर्ट्स का सीमित असर, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन डिसरप्शन रिस्क।
फाइनेंशियल मेट्रिक्स : बीटा 0.70, RSI 37.75, जो ओवरसोल्ड जोन दर्शाता है।
BHEL के स्टॉक ने ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी देखी, जहां NSE पर 2.49 करोड़ शेयर ट्रेड हुए। एनालिस्ट्स सलाह देते हैं कि निवेशक लॉन्ग-टर्म होल्डर्स बने रहें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें। कंपनी की फ्यूचर ग्रोथ थर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर निर्भर करेगी, जहां गवर्नमेंट पॉलिसीज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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