वेनेजुएला के शेयर बाजार से दुनिया हैरान, हमले के बाद एक दिन में 50% की तेजी, क्या ट्रंप राहत देने वाले हैं?

“वेनेजुएला के IBC इंडेक्स में अमेरिकी हमले के बाद एक ही दिन में 50% की उछाल आई, जो Maduro की गिरफ्तारी से जुड़ी है। ट्रंप प्रशासन ने 30-50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका को सौंपने की घोषणा की, जो प्रतिबंधों में राहत का संकेत है। इससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Chevron जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, जबकि वैश्विक बाजारों में आश्चर्य की लहर दौड़ी। भारत जैसे आयातक देशों पर असर संभावित है।”

काराकास स्थित वेनेजुएला IBC इंडेक्स ने मंगलवार को एक ही ट्रेडिंग सेशन में 50% की जबरदस्त उछाल दर्ज की। यह तेजी अमेरिकी हमले के ठीक बाद आई, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति Nicolás Maduro को गिरफ्तार किया गया। निवेशकों में आशावाद फैला कि अब अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिल सकती है, जिससे तेल उत्पादन और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। IBC इंडेक्स, जो मुख्य रूप से तेल और बैंकिंग सेक्टर की कंपनियों को ट्रैक करता है, ने इस साल अब तक 100% से ज्यादा रिटर्न दिया है, लेकिन यह एकदिवसीय उछाल ऐतिहासिक है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल अमेरिका को सौंपेगी। यह तेल, जो पहले प्रतिबंधों के कारण बिक नहीं पा रहा था, अब बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा। आय को वेनेजुएला और अमेरिकी नागरिकों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा। Trump ने ऊर्जा सचिव Chris Wright को इस योजना को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया, जिसमें तेल की शिपमेंट सीधे अमेरिकी बंदरगाहों तक होगी। इससे अमेरिकी तेल कंपनियों जैसे Chevron के शेयरों में तेजी आई, जो वेनेजुएला में बड़े निवेशक हैं।

वैश्विक बाजारों में इस घटना का असर साफ दिखा। Crude oil की कीमतों में शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी हुई, क्योंकि निवेशक नए तेल सप्लाई की उम्मीद कर रहे हैं। Brent crude 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI crude में 2% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में ऊर्जा सेक्टर के शेयरों ने रिकॉर्ड हाई छुआ, जबकि यूरोपीय और एशियाई बाजारों में मिश्रित प्रतिक्रिया रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रतिबंध पूरी तरह हटे, तो वेनेजुएला का तेल उत्पादन 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है, जो वैश्विक सप्लाई को मजबूत करेगा।

भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह विकास महत्वपूर्ण है। भारत वेनेजुएला से पहले भारी मात्रा में क्रूड आयात करता था, लेकिन प्रतिबंधों के कारण यह रुक गया। अब राहत मिलने से सस्ता तेल उपलब्ध हो सकता है, जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखेगा। हालांकि, geopolitical जोखिम बने रहेंगे, क्योंकि क्यूबा ने हमले में 32 अधिकारियों की मौत का दावा किया है। ट्रंप प्रशासन ने Maduro पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाए, जिससे कानूनी लड़ाई जारी रह सकती है।

मुख्य घटनाक्रम:

हमले की पृष्ठभूमि: अमेरिकी सेना ने गुप्त ऑपरेशन में Maduro को गिरफ्तार किया, जिसे ट्रंप ने ‘सुरक्षित संक्रमण’ का हिस्सा बताया।

बाजार प्रतिक्रिया: IBC इंडेक्स 50% ऊपर, Chevron शेयर 16% बढ़े, अन्य तेल कंपनियां जैसे ExxonMobil में 5-7% तेजी।

तेल सौदा: 30-50 मिलियन बैरल का हस्तांतरण, जो वेनेजुएला की ‘शैडो रिजर्व’ से आ सकता है।

वैश्विक प्रभाव: तेल कीमतों में अस्थिरता, लेकिन लंबे समय में स्थिरता की उम्मीद।

सेक्टरएकदिवसीय बदलाव (%)सालाना रिटर्न (%)प्रमुख कंपनियां
तेल और गैस+45+120PDVSA, Chevron
बैंकिंग+35+90Banco de Venezuela
कुल इंडेक्स+50+100IBC Index

यह उछाल hyperinflation और राजनीतिक अस्थिरता के बीच आया, जहां निवेशक नई सरकार से आर्थिक सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वेनेजुएला को ‘चलाएगा’ जब तक स्थिर सरकार नहीं बनती। इससे Bitcoin जैसी क्रिप्टो एसेट्स में भी हलचल हुई, क्योंकि वेनेजुएला की कथित 600K BTC रिजर्व पर अमेरिका की नजर है। यदि जब्ती हुई, तो क्रिप्टो मार्केट में सप्लाई शॉक आ सकता है, जो कीमतों को 100K डॉलर से ऊपर धकेल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव का संकेत है, जहां आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था, जो पहले GDP में 90% गिरावट झेल चुकी है, अब रिकवरी की राह पर दिख रही है। हालांकि, अंतरिम सरकार की मांगें पूरी होने पर ही पूर्ण राहत मिलेगी, जिसमें अमेरिकी कंपनियों को प्राथमिकता शामिल है। इससे लैटिन अमेरिकी देशों में चिंता बढ़ी है, लेकिन बाजारों में optimism हावी है।

Disclaimer: This is a news report based on available sources. Tips and advice are for informational purposes only.

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