“संघ बजट 2026 में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में संभावित कटौती की उम्मीदें, ज्वैलरी सेक्टर की जीएसटी राहत की मांग, मौजूदा बाजार मूल्य और निवेशकों की राय पर फोकस; यदि शुल्क घटा तो कीमतें 5-10% गिर सकती हैं, लेकिन बढ़ते वैश्विक मूल्यों से प्रभावित रहेंगी।”
संघ बजट 2026, जो 1 फरवरी को पेश होने वाला है, में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में बदलाव की संभावनाएं चर्चा में हैं। जुलाई 2024 में शुल्क को 15% से घटाकर 6% किया गया था, जिससे कीमतों में गिरावट आई, लेकिन अब ज्वैलरी इंडस्ट्री आगे कटौती की मांग कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुल्क को और कम किया गया तो सोने की कीमतें 5-8% तक सस्ती हो सकती हैं, जबकि चांदी में 7-10% की बचत संभव है।
वर्तमान में, दिल्ली में 24 कैरेट सोने का मूल्य 75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है, जबकि चांदी 92,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। वैश्विक बाजार में सोना 2,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी 100 डॉलर प्रति औंस को छू रही है, जो भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित है। यदि बजट में शुल्क को 6% से 4% तक घटाया गया, तो घरेलू बाजार में सोने पर 2,000-3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आ सकती है।
ज्वैलरी सेक्टर की मांगों में जीएसटी को 3% से घटाकर 1.25% करना शामिल है, जो तैयार ज्वैलरी की लागत को कम करेगा। गोल्ड लोन कंपनियां भी उम्मीद कर रही हैं कि बजट में गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को मजबूत किया जाए, जिससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिले। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में शुल्क बढ़ाने की अफवाहें हैं, जो तस्करी रोकने के लिए हो सकती हैं, लेकिन इससे कीमतें 3-5% बढ़ सकती हैं।
संभावित बदलावों का प्रभाव:
सोने पर: यदि शुल्क घटा, तो शादी सीजन में खरीदारों को राहत, लेकिन वैश्विक मुद्रास्फीति से मूल्य स्थिर नहीं रहेंगे।
चांदी पर: इंडस्ट्रियल यूज बढ़ने से डिमांड हाई, बजट में कटौती से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को फायदा।
निवेश सलाह: विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि बजट से पहले 20% पोर्टफोलियो गोल्ड में रखें, लेकिन लॉन्ग-टर्म व्यू लें।
मौजूदा और अनुमानित कीमतें (रुपये में):
| धातु | वर्तमान मूल्य (प्रति 10 ग्राम/किग्रा) | अनुमानित बजट बाद मूल्य (यदि शुल्क कट) |
|---|---|---|
| सोना (24K) | 75,000 | 70,000-72,000 |
| चांदी | 92,000 (किग्रा) | 82,000-85,000 |
बजट में एड वैलोरम ड्यूटी ड्रॉबैक को लागू करने की मांग है, जो निर्यातकों को फायदा देगा और घरेलू उत्पादन बढ़ाएगा। यदि सरकार इन मांगों पर ध्यान देती है, तो सोने-चांदी बाजार में उछाल आएगा, लेकिन यदि कोई बदलाव नहीं हुआ तो कीमतें वैश्विक ट्रेंड्स पर निर्भर रहेंगी। निवेशक बजट घोषणा के बाद ही बड़े फैसले लें।
कुंजी पॉइंट्स:
ज्वैलरी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शुल्क रेशनलाइजेशन जरूरी।
गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ा, पिछले साल 15% रिटर्न।
चांदी की डिमांड सोलर पैनल्स से 20% ऊपर।
Disclaimer: यह एक समाचार रिपोर्ट है जो उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। प्रदान की गई टिप्स केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं। स्रोत उल्लेखित नहीं हैं।
Tags: बजट 2026, सोना चांदी कीमतें, आयात शुल्क, ज्वैलरी सेक्टर, निवेश सलाह
Alt Text for featured image: सोने और चांदी के सिक्कों और बार्स का ढेर बजट दस्तावेज के साथ
Title for featured image: बजट 2026 में सोने-चांदी की उम्मीदें
Caption for featured image: संघ बजट 2026 से पहले सोने और चांदी के बाजार में उत्सुकता
Description for featured image: चमकते सोने और चांदी के बार्स और सिक्कों का क्लोज-अप, पृष्ठभूमि में भारतीय बजट दस्तावेज और ग्राफ्स, जो 2026 बजट में संभावित शुल्क कटौती और कीमत प्रभाव को दर्शाते हैं।
26 जनवरी पर सबसे बड़ी खुशखबरी! 110 से सीधे 40% होगा टैरिफ, यूरोप से आने वाले इस सामान पर होगी ‘महाबचत’
“भारत-ईयू ट्रेड डील के तहत यूरोपीय कारों पर आयात टैरिफ 110% से घटकर 40% होगा, जिससे लग्जरी कारों जैसे Mercedes, BMW और Volkswagen की कीमतों में 30-50% की बचत; बाजार पहुंच आसान, लेकिन लिमिटेड संख्या में लागू।”
गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार ने यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड डील में बड़ा कदम उठाया है, जहां यूरोपीय कारों पर आयात टैरिफ को 110% से घटाकर 40% करने का फैसला किया गया। यह बदलाव फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है, जो भारतीय बाजार को यूरोपीय वाहनों के लिए खोल देगा। इससे Mercedes-Benz, BMW और Volkswagen जैसी ब्रैंड्स की कारों की कीमतों में 20-40 लाख रुपये तक की कमी आएगी।
वर्तमान में, 2,500 cc से ऊपर की इंजन वाली कारों पर 100-110% टैरिफ लगता है, जो कीमत को दोगुना कर देता है। नई दर के साथ, एक 50 लाख रुपये की यूरोपीय कार पर टैरिफ अब 20 लाख रुपये होगा, पहले के 55 लाख के मुकाबले। यह कटौती लिमिटेड संख्या में कारों पर लागू होगी, शुरू में सालाना 10,000 यूनिट्स तक, जो धीरे-धीरे बढ़ेगी।
ट्रेड डील से भारतीय ऑटो सेक्टर को चुनौती मिलेगी, लेकिन निर्यात बढ़ाने के अवसर भी। यूरोपीय कंपनियां भारत में असेंबली प्लांट लगाने पर विचार कर रही हैं, जो रोजगार पैदा करेगा। हालांकि, लॉन्ग-टर्म प्लान में टैरिफ को 20% तक घटाने की बात है, लेकिन फिलहाल 40% पर फोकस।
प्रभावित ब्रैंड्स और मॉडल्स:
Mercedes-Benz: S-Class की कीमत 1.8 करोड़ से घटकर 1.3 करोड़ हो सकती है।
BMW: 7 Series में 40 लाख तक बचत।
Volkswagen: Tiguan जैसे SUV में 15-20% कमी।
टैरिफ कटौती का तुलनात्मक चार्ट:
| कार प्रकार | पुराना टैरिफ (%) | नया टैरिफ (%) | अनुमानित बचत (लाख रुपये में) |
|---|---|---|---|
| लग्जरी सेडान (3000cc+) | 110 | 40 | 30-50 |
| SUV (2500cc) | 100 | 40 | 20-35 |
| इलेक्ट्रिक कार | 60 | 40 | 10-15 |
खरीदारों के लिए यह महाबचत का मौका है, लेकिन जीएसटी और रोड टैक्स अलग से लगेंगे। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि डीलर से संपर्क करें और ट्रेड डील की शर्तों को समझें। इससे भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जो स्थानीय ब्रैंड्स को बेहतर बनाने पर मजबूर करेगी।
ट्रेड बैरियर्स कम होने से ईयू निर्यात बढ़ेगा।
भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में 5 लाख नए जॉब्स की संभावना।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त इंसेंटिव्स की उम्मीद।
Tags: टैरिफ कटौती, यूरोपीय कारें, भारत ईयू ट्रेड डील, लग्जरी वाहन, महाबचत
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Title for featured image: 110% से 40% टैरिफ कट पर खुशखबरी
Caption for featured image: यूरोप से आने वाली कारों पर बड़ी बचत
Description for featured image: चमकदार Mercedes और BMW कारों का प्रदर्शन, पृष्ठभूमि में भारतीय झंडा और ट्रेड एग्रीमेंट दस्तावेज, जो 2026 गणतंत्र दिवस पर टैरिफ कटौती और महाबचत को हाइलाइट करते हैं।
Pan Card काम नहीं कर रहा? कहीं बंद तो नहीं हो गया; इस तरीके से करें पता
“पैन कार्ड की स्थिति जांचने के आसान तरीके, इनकम टैक्स पोर्टल पर ऑनलाइन चेक, आधार लिंकिंग की जरूरत, डुप्लीकेट जारी करने की प्रक्रिया और सामान्य कारण; यदि निष्क्रिय तो 1,000 रुपये जुर्माना।”
यदि आपका पैन कार्ड काम नहीं कर रहा है, तो सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। ‘Instant E-PAN’ सेक्शन में ‘Know Your PAN’ विकल्प चुनें, जहां पैन नंबर, नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर डालकर स्थिति देखें। यदि ‘Active’ दिखता है, तो कोई समस्या नहीं; यदि ‘Deactivated’ तो तुरंत रीएक्टिवेट करें।
पैन निष्क्रिय होने के सामान्य कारणों में आधार से लिंक न होना शामिल है, जो 2023 से अनिवार्य है। यदि लिंक नहीं है, तो e-Filing पोर्टल पर लॉगिन करें, ‘Link Aadhaar’ चुनें और 1,000 रुपये का लेट फी देकर लिंक करें। प्रक्रिया 30 मिनट में पूरी होती है, और ईमेल पर कन्फर्मेशन मिलता है।
डुप्लीकेट पैन के मामले में, यदि दो पैन जारी हो गए हैं, तो एक सरेंडर करें। NSDL या UTIITSL पोर्टल पर ‘PAN Surrender’ फॉर्म भरें, जिसमें पुराना पैन नंबर दें और नया रखें। यह प्रक्रिया मुफ्त है, लेकिन देरी पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
चरणबद्ध तरीका जांचने का:
इनकम टैक्स पोर्टल खोलें।
‘Services’ > ‘Know Your PAN/TAN’ चुनें।
डिटेल्स भरें और कैप्चा सॉल्व करें।
स्थिति देखें: Active, Deactive, या Deleted।
यदि समस्या, हेल्पलाइन 1800-180-1961 पर कॉल करें।
सामान्य समस्याएं और समाधान:
| समस्या | कारण | समाधान |
|---|---|---|
| निष्क्रिय पैन | आधार लिंक न होना | ऑनलाइन लिंकिंग और फी पेमेंट |
| डुप्लीकेट पैन | मल्टीपल आवेदन | सरेंडर फॉर्म सबमिट |
| नाम/डिटेल्स गलत | आवेदन में त्रुटि | करेक्शन फॉर्म भरें, 107 रुपये फी |
| खो गया | फिजिकल लॉस | री-इश्यू आवेदन, 50 रुपये फी |
ऑफलाइन जांच के लिए, ближай टैक्स ऑफिस में विजिट करें, जहां फॉर्म 49A के साथ डिटेल्स सबमिट करें। यदि पैन डिलीट हो गया है, तो नया आवेदन करें, जो 15 दिनों में जारी होता है। बैंक ट्रांजेक्शन या ITR फाइलिंग में समस्या आने पर तुरंत चेक करें, क्योंकि निष्क्रिय पैन से फाइनेंशियल लॉस हो सकता है।
90% निष्क्रिय पैन आधार लिंकिंग की वजह से।
रीएक्टिवेशन के बाद 7 दिनों में अपडेट।
## डिजिटल पैन ई-वॉलेट में सेव करें।