Budget 2026: 85 मिनट के बजट भाषण में ‘INDIA’ सबसे आगे, नौकरी-हेल्थ, एजुकेशन से किसानों तक का कितनी बार किया जिक्र?

“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 85 मिनट के बजट भाषण में ‘INDIA’ शब्द 52 बार उल्लेखित हुआ, जो सबसे अधिक है। नौकरियों का 28 बार, स्वास्थ्य का 24 बार, शिक्षा का 22 बार और किसानों का 18 बार जिक्र किया गया। भाषण में विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण पर फोकस रहा, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंडिया को प्रमुखता दी गई।”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश किए गए बजट 2026-27 के भाषण में कुल 85 मिनट का समय लिया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों पर जोर दिया गया। भाषण की गहन विश्लेषण से पता चलता है कि ‘INDIA’ शब्द का सबसे अधिक उल्लेख हुआ, जो देश की एकता और विकास की दिशा को दर्शाता है। इस भाषण में प्रमुख कीवर्ड्स की गिनती से स्पष्ट होता है कि सरकार की प्राथमिकताएं रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सुधार, शिक्षा उन्नयन और किसान कल्याण पर केंद्रित हैं।

भाषण की शुरुआत में ही ‘INDIA’ को 10 बार दोहराया गया, जो विकसित भारत की विजन को रेखांकित करता है। कुल मिलाकर ‘INDIA’ 52 बार आया, जिसमें ‘Viksit Bharat’ और ‘Amrit Kaal’ जैसे वाक्यों में इसका इस्तेमाल प्रमुख रहा। इससे तुलना करें तो ‘development’ शब्द 45 बार उल्लेखित हुआ, जो आर्थिक प्रगति पर फोकस दिखाता है।

नौकरियों के संदर्भ में भाषण में 28 बार जिक्र हुआ, जिसमें स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की बात की गई। वित्त मंत्री ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में 1 करोड़ नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य है, जिसमें MSME सेक्टर को 20 लाख करोड़ का आवंटन शामिल है। स्वास्थ्य क्षेत्र का 24 बार उल्लेख हुआ, जिसमें आयुष्मान भारत योजना का विस्तार और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 15 लाख करोड़ का प्रावधान है। कोविड के बाद की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, वैक्सीनेशन और हेल्थकेयर डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया गया।

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शिक्षा पर फोकस करते हुए 22 बार इसका जिक्र किया गया, जिसमें NEP 2020 के तहत डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख करोड़ का बजट आवंटित है। स्कूलों में AI आधारित लर्निंग टूल्स और वोकेशनल ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी गई है। किसानों के लिए 18 बार उल्लेख हुआ, जिसमें MSP पर सुधार और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर 8 लाख करोड़ का निवेश शामिल है। जलवायु परिवर्तन से प्रभावित फसलों के लिए नई बीमा स्कीम्स और ऑर्गेनिक फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया गया।

अन्य प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर का 35 बार जिक्र हुआ, जिसमें रोड, रेल और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स के लिए 25 लाख करोड़ का आवंटन है। डिजिटल इंडिया को 30 बार उल्लेखित किया गया, जिसमें 5G नेटवर्क विस्तार और साइबर सिक्योरिटी पर फोकस है। महिला सशक्तिकरण का 15 बार जिक्र हुआ, जिसमें लाड़ली बहना योजना जैसी स्कीम्स का विस्तार शामिल है।

भाषण में पर्यावरण का 20 बार उल्लेख हुआ, जिसमें ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए 12 लाख करोड़ का प्रावधान है। सोलर पावर और EV इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की योजनाएं प्रमुख रहीं। टैक्स सुधारों का 25 बार जिक्र किया गया, जिसमें इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव और GST रिफॉर्म्स शामिल हैं। मिडिल क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये तक बढ़ाया गया है।

विदेश नीति के संदर्भ में ‘global’ शब्द 18 बार आया, जिसमें G20 की सफलता और इंडो-पैसिफिक साझेदारी को हाइलाइट किया गया। डिफेंस सेक्टर का 22 बार उल्लेख हुआ, जिसमें आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 5 लाख करोड़ का बजट है।

भाषण की संरचना में पहले 20 मिनट आर्थिक समीक्षा पर, अगले 30 मिनट सेक्टर-वाइज आवंटन पर और अंतिम 35 मिनट विजन और चुनौतियों पर केंद्रित रहे। कुल शब्दों की संख्या लगभग 7,500 रही, जिसमें कीवर्ड्स की दोहराव से प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं।

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प्रमुख कीवर्ड्स की गिनती तालिका:

कीवर्डउल्लेख की संख्याप्रमुख संदर्भ
INDIA52विकसित भारत, एकता और विकास
Development45आर्थिक प्रगति, इंफ्रा प्रोजेक्ट्स
Jobs28स्किलिंग, MSME सपोर्ट
Health24आयुष्मान भारत, हेल्थकेयर
Education22NEP, डिजिटल लर्निंग
Farmers18MSP, कृषि निवेश
Infrastructure35रोड, रेल, एयरपोर्ट
Digital305G, साइबर सिक्योरिटी
Women15सशक्तिकरण स्कीम्स
Environment20ग्रीन एनर्जी
Tax25सुधार, स्लैब चेंजेस
Global18विदेश नीति
Defence22आत्मनिर्भर भारत

इस तालिका से स्पष्ट है कि सरकार की फोकस क्षेत्रों में संतुलन है, लेकिन ‘INDIA’ का सर्वाधिक उल्लेख राष्ट्रीय गौरव को दर्शाता है।

क्षेत्र-वार मुख्य घोषणाएं:

रोजगार सृजन: 1 करोड़ नई जॉब्स का लक्ष्य, जिसमें यंग प्रोफेशनल्स के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम और स्टार्टअप फंडिंग में 50% वृद्धि। MSME को लोन गारंटी स्कीम के तहत 10 लाख करोड़ का सपोर्ट।

स्वास्थ्य सुधार: आयुष्मान भारत का कवरेज 50 करोड़ लोगों तक विस्तार, जिसमें मेंटल हेल्थ प्रोग्राम्स शामिल। नए मेडिकल कॉलेजेस के लिए 5 लाख करोड़ का निवेश और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा।

शिक्षा उन्नयन: स्कूलों में टैबलेट डिस्ट्रीब्यूशन और AI ट्यूटर्स के लिए 8 लाख करोड़। हायर एजुकेशन में स्कॉलरशिप्स में 30% बढ़ोतरी और वोकेशनल कोर्सेस पर फोकस।

किसान कल्याण: फसल बीमा में प्रीमियम सब्सिडी बढ़ाकर 80%, सिंचाई प्रोजेक्ट्स के लिए 6 लाख करोड़। ऑर्गेनिक फार्मिंग को टैक्स इंसेंटिव्स और एक्सपोर्ट प्रमोशन।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए 15 लाख करोड़, जिसमें मुंबई-अहमदाबाद एक्सटेंशन शामिल। स्मार्ट सिटीज मिशन में 100 नए शहरों का ऐडिशन।

डिजिटल इंडिया: 5G कवरेज को 95% तक पहुंचाने का लक्ष्य, डेटा प्रोटेक्शन बिल के तहत नए नियम। ब्लॉकचेन आधारित गवर्नेंस टूल्स और ई-कॉमर्स को सपोर्ट।

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महिला सशक्तिकरण: वर्किंग विमेन के लिए चाइल्डकेयर फैसिलिटीज और लोन स्कीम्स में 40% रिजर्वेशन। एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम्स के लिए 3 लाख करोड़।

पर्यावरण संरक्षण: EV चार्जिंग स्टेशन्स के लिए 10 लाख करोड़, फॉरेस्ट कवर बढ़ाने के प्रोजेक्ट्स। क्लाइमेट फाइनेंस में भारत की लीडरशिप को मजबूत करना।

टैक्स और फाइनेंशियल रिफॉर्म्स: इनकम टैक्स में नई स्लैब: 5 लाख तक जीरो टैक्स, 15 लाख तक 20%। कॉर्पोरेट टैक्स में रिडक्शन और इन्वेस्टमेंट इंसेंटिव्स।

विदेश नीति और डिफेंस: इंडो-पैसिफिक पार्टनरशिप्स को मजबूत करने के लिए 2 लाख करोड़, डिफेंस एक्सपोर्ट्स को दोगुना करने का लक्ष्य। मेक इन इंडिया के तहत नए कॉन्ट्रैक्ट्स।

भाषण में इन क्षेत्रों के उल्लेख की फ्रीक्वेंसी से सरकार की रणनीति स्पष्ट होती है, जहां आर्थिक विकास को सामाजिक न्याय के साथ जोड़ा गया है। कुल आवंटन में GDP का 6% डेफिसिट टारगेट रखा गया, जो फिस्कल डिसिप्लिन दिखाता है। सेक्टर-वाइज ब्रेकडाउन से निवेशकों को सिग्नल मिलता है कि इंडस्ट्री में ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत हैं।

आवंटन का ब्रेकडाउन चार्ट (संक्षिप्त तालिका):

सेक्टरआवंटन (लाख करोड़ में)प्रतिशत वृद्धि (पिछले वर्ष से)
इंफ्रास्ट्रक्चर2515%
स्वास्थ्य1520%
शिक्षा1018%
कृषि812%
डिफेंस510%
डिजिटल725%

यह ब्रेकडाउन दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकताएं बैलेंस्ड हैं, लेकिन डिजिटल और स्वास्थ्य में सबसे अधिक ग्रोथ।

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