Silver Price Crash: और कितना गिरेगा चांदी का दाम, क्या फिर ₹3 लाख के पार भी होगी? एक्सपर्ट से जानें सब.

“चांदी की कीमतों में हालिया क्रैश ने निवेशकों को चौंका दिया है, जहां 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। मुख्य कारणों में अमेरिकी Fed की नई नियुक्ति, डॉलर की मजबूती और मार्जिन बढ़ोतरी शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि औद्योगिक मांग से रिकवरी संभव है, लेकिन अल्पावधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जबकि लंबी अवधि में ₹3 लाख पार करने की संभावना बनी हुई है।”

चांदी की कीमतों में गिरावट का विश्लेषण

चांदी की कीमतों में अचानक आई गिरावट ने बाजार को हिला दिया है। MCX पर चांदी का फ्यूचर रेट हाल ही में 26,000 रुपये से अधिक गिरकर 2,49,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यह गिरावट 37 प्रतिशत तक पहुंची, जो 1980 के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर प्राइस $78 प्रति औंस के आसपास स्थिर हुई, लेकिन डॉलर की मजबूती ने भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला।

गिरावट के प्रमुख कारण

अमेरिकी Fed की नई नियुक्ति का असर : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को Fed चेयर के रूप में नामित किए जाने से बाजार में उत्साह फैला। वार्श को इंफ्लेशन-हॉक के रूप में देखा जाता है, जो Fed की स्वतंत्रता को मजबूत करेगा। इससे डेबेसमेंट ट्रेड कमजोर हुआ, जिसने चांदी की सेफ-हेवन अपील को घटाया। परिणामस्वरूप, डॉलर इंडेक्स में उछाल आया, जो चांदी जैसी कमोडिटी को महंगा बनाता है।

मार्जिन आवश्यकताओं में बढ़ोतरी : CME ग्रुप ने गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स के लिए मार्जिन रेट्स बढ़ा दिए। सिल्वर फ्यूचर्स का मार्जिन 11 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया, जिससे स्पेकुलेटर्स को पोजीशंस बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। इससे फोर्स्ड सेलिंग बढ़ी और कीमतें नीचे आईं।

See also  India EU FTA: किस चीज पर कितना घटा टैरिफ, कितने सस्ते होंगे यूरोप से आने वाले सामान, ये रही पूरी डिटेल

भू-राजनीतिक तनावों में कमी : अमेरिका-ईरान तनावों में कमी और चीन के लूनर न्यू ईयर से पहले मांग में सुस्ती ने दबाव बढ़ाया। साथ ही, ग्लोबल कमोडिटी सेलऑफ में ऑयल और बेस मेटल्स की गिरावट ने चांदी को भी प्रभावित किया।

हालिया कीमत ट्रेंड्स की तालिका

तारीखMCX चांदी प्राइस (₹/किलोग्राम)बदलाव (%)अंतरराष्ट्रीय प्राइस ($/औंस)
30 जनवरी 20263,65,000122
31 जनवरी 20262,65,652-27.285
1 फरवरी 20262,49,800-5.9778.53
2 फरवरी 20262,36,500-5.372.68

यह तालिका दिखाती है कि क्रैश के बाद कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं, लेकिन रिकवरी के संकेत भी दिख रहे हैं। दिल्ली में रिटेल बाजार में 1 किलोग्राम चांदी 2,78,000 रुपये पर ट्रेड हो रही है, जबकि मुंबई में यह 2,92,505 रुपये है।

एक्सपर्ट्स की राय: कितना और गिरेगी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अल्पावधि में चांदी की कीमतें 2,00,000 रुपये तक गिर सकती हैं यदि डॉलर और मजबूत होता है। HSBC के अनुसार, 2026 में औसत प्राइस $68.25 प्रति औंस (लगभग ₹2,20,000/किलोग्राम) रह सकती है, लेकिन अगर Fed की पॉलिसी सख्त रहती है तो $57 तक गिरावट संभव है।

मोटिलाल ओसवाल के एनालिस्ट्स कहते हैं कि गिरावट अस्थायी है क्योंकि सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में मांग बढ़ रही है। “2026 के अंत तक चांदी ₹3.2 लाख तक पहुंच सकती है,” उनका अनुमान है। आक्सिस सिक्योरिटीज के विशेषज्ञ अधिक सतर्क हैं, जो ₹2.4 लाख का लक्ष्य देते हैं, लेकिन वे मानते हैं कि सप्लाई डेफिसिट (माइन सप्लाई से 5 साल से अधिक डिमांड) रिकवरी को सपोर्ट करेगा।

अनंद राठी के मनीष शर्मा का कहना है, “₹3.25 लाख से ₹3.5 लाख तक जाना संभव है यदि इंडस्ट्रियल डिमांड 2025 के 147 प्रतिशत ग्रोथ को दोहराती है।” वहीं, मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ₹2.75 लाख से ₹3 लाख की रेंज देखते हैं। गोल्डसिल्वर के लीड एनालिस्ट एलन हिबर्ड का अनुमान है कि $175 प्रति औंस ($100 से अधिक उछाल) तक पहुंच सकती है, जो भारतीय बाजार में ₹4.5 लाख के बराबर होगा, लेकिन यह आशावादी है।

See also  सैलरी, सेविंग्स और टैक्स में बड़े बदलाव? बजट 2026 से पहले ICAI, FICCI और ASSOCHAM की ये मांगें जानें! "बजट 2026 से पहले प्रमुख उद्योग निकायों ने आयकर में बदलाव की मांग की है, जिसमें नई टैक्स रिजीम में हेल्थ इंश्योरेंस डिडक्शन की बहाली, स्टैंडर्ड डिडक्शन को 1.5 लाख तक बढ़ाना, सरचार्ज थ्रेशोल्ड को 75 लाख करने, टीडीएस रेट्स को सरल बनाना और मैन्युफैक्चरिंग के लिए कंसेशनल टैक्स रेट शामिल हैं, जो सैलरीड क्लास और सेविंग्स को राहत दे सकती हैं।"

क्या ₹3 लाख पार होना संभव?

हां, एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबी अवधि में संभव है। मुख्य ड्राइवर्स:

इंडस्ट्रियल डिमांड : सिल्वर का 50 प्रतिशत इस्तेमाल इंडस्ट्री में होता है, खासकर सोलर पैनल्स में। विश्व बैंक का अनुमान है कि 2026 में इंडस्ट्रियल डिमांड नॉर्मलाइजेशन से प्राइस $41 प्रति औंस तक रहेगी, लेकिन चीन की खरीदारी और फिजिकल शॉर्टेज इसे ऊपर धकेल सकती है।

सप्लाई चैलेंज : ग्लोबल माइन प्रोडक्शन डिमांड से पीछे है। CoinCodex का पूर्वानुमान $340 प्रति औंस ($10,000+/किलोग्राम) है, लेकिन रियलिस्टिक रूप से $507 तक 2030 में। 2026 में औसत $168.93 प्रति औंस का चैनल संभव है।

इन्वेस्टर स्पेकुलेशन : ETF और बॉन्ड डिमांड बढ़ने से बाउंस बैक हो सकता है। जोशुआ ग्लॉसन का कहना है कि 2026 में प्राइस बढ़ेगी क्योंकि मेटल्स इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है।

हालांकि, रिस्क्स जैसे हाई डेब्ट, मार्केट अनसर्टेंटी और इन्वेस्टर लॉसेस गिरावट को लंबा खींच सकते हैं।

निवेशकों के लिए प्रमुख पॉइंट्स

खरीदारी का मौका? : यदि कीमतें ₹2,00,000 नीचे जाती हैं, तो लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स खरीद सकते हैं, क्योंकि 2025 की 147 प्रतिशत रैली दोहराने की क्षमता है।

रिस्क मैनेजमेंट : स्पेकुलेटर्स मार्जिन चेंजेस पर नजर रखें। फिजिकल सिल्वर स्टैकर्स डिप्स पर खरीद रहे हैं, जो सपोर्ट लेवल बना रहा है।

तुलनात्मक विश्लेषण : गोल्ड-सिल्वर रेशियो हिस्टोरिकली 80:1 है, लेकिन क्रैश के बाद 60:1 पर आ गया, जो सिल्वर के पक्ष में है।

भविष्य के पूर्वानुमान की तालिका

एक्सपर्ट/संस्था2026 अंत लक्ष्य (₹/किलोग्राम)कारण
मोटिलाल ओसवाल3,20,000इंडस्ट्रियल ग्रोथ
आक्सिस सिक्योरिटीज2,40,000कंजर्वेटिव आउटलुक
अनंद राठी3,25,000-3,50,000सप्लाई डेफिसिट
मिराए एसेट2,75,000-3,00,000ग्लोबल डिमांड
HSBC2,20,000 (औसत)Fed पॉलिसी
गोल्डसिल्वर4,50,000+$175/औंस

यह तालिका दिखाती है कि अधिकांश एक्सपर्ट्स रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन वोलेटिलिटी बनी रहेगी।

See also  Budget 2026 : वेनुजुएला जैसे बढ़ रहे कई भूराजनीतिक जोखिम! क्या इस बीच भारत बजट 2026 में बढ़ाएगा रक्षा खर्च?

मार्केट आउटलुक

चांदी की कीमतें अब स्टेबलाइजेशन फेज में हैं, लेकिन अगर Fed बैलेंस शीट सिकुड़ती है तो और गिरावट संभव। इंडिया में रिटेल डिमांड (ज्वेलरी और इन्वेस्टमेंट) बजट के बाद बढ़ सकती है, जो प्राइस को सपोर्ट करेगी। कुल मिलाकर, 2026 में ₹3 लाख पार करने की संभावना 60 प्रतिशत है यदि इंडस्ट्रियल फैक्टर्स मजबूत रहते हैं।

Disclaimer: यह रिपोर्ट बाजार ट्रेंड्स और एक्सपर्ट ओपिनियंस पर आधारित है। निवेश सलाह नहीं है; पेशेवर सलाह लें। सभी डेटा सामान्य जानकारी के लिए है।

Leave a Comment