**” सोने का अंतरराष्ट्रीय भाव आज 5,050-5,060 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया है, जो हाल के दिनों में 5000 डॉलर के स्तर को पार करने वाली महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्शाता है। जापान में राजनीतिक बदलाव और येन की मजबूती से वैश्विक बाजारों में असर पड़ा है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी है। भारत में 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर लगभग 1,57,000-1,58,000 रुपये के स्तर पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की कमजोरी से यह रुझान जारी रह सकता है, लेकिन अल्पकालिक सुधार भी संभव है। “**
सोना फिर 5000 डॉलर पार, इस बार चीन-अमेरिका नहीं जापान की वजह से आई तेजी; निवेश करें या नहीं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड स्तर छुआ है। आज के कारोबार में स्पॉट गोल्ड का भाव 5,050 से 5,063 डॉलर प्रति औंस के बीच पहुंच गया है, जो हाल के हफ्तों में देखी गई तेजी का सबसे मजबूत संकेत है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से जापान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण आई है, जहां हाल ही में हुए चुनाव में सनाए ताकाइची की सरकार को मजबूत बहुमत मिला। इससे जापान में वित्तीय खर्च बढ़ने और कर्ज के स्तर पर चिंताएं बढ़ीं, जिससे बॉन्ड मार्केट में अस्थिरता आई और येन में मजबूती दर्ज की गई।
येन की इस मजबूती ने ग्लोबल कैरी ट्रेड पर असर डाला है। वर्षों से कम ब्याज दरों वाले येन से उधार लेकर उच्च रिटर्न वाली संपत्तियों में निवेश करने वाले ट्रेडर्स अब स्थिति बदलने से प्रभावित हुए हैं। येन कैरी ट्रेड के अनवाइंड होने से डॉलर पर दबाव बढ़ा, जिससे सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्ति आकर्षक बनी। कमजोर डॉलर ने विदेशी खरीदारों के लिए सोना सस्ता कर दिया, जिससे मांग में उछाल आया।
इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, खासकर चीन के पीबीओसी ने लगातार कई महीनों से अपनी रिजर्व में बढ़ोतरी की है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, जैसे अमेरिका-ईरान तनाव और व्यापारिक नीतियों में बदलाव, ने भी सोने को सपोर्ट दिया है। 2025 में सोने की कीमतें 65% से अधिक बढ़ चुकी हैं, और 2026 की शुरुआत में यह रुझान जारी है।
भारत में सोने की कीमतें भी अंतरराष्ट्रीय स्तर से प्रभावित हो रही हैं। आज 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम लगभग 1,57,910 से 1,58,480 रुपये के बीच ट्रेड कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,750 रुपये के आसपास है। यह स्तर पिछले कुछ दिनों में काफी ऊंचा है, जहां त्योहारी सीजन और निवेश मांग ने भी योगदान दिया। एमसीएक्स पर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट भी ऊपरी स्तरों पर पहुंचे हैं, लेकिन हाल के दिनों में कुछ सुधार देखा गया।
प्रमुख कारक जो सोने की कीमतें बढ़ा रहे हैं
जापान का प्रभाव : चुनाव के बाद फिस्कल खर्च बढ़ने की उम्मीद से जापानी बॉन्ड यील्ड में उछाल, येन मजबूत। इससे कैरी ट्रेड अनवाइंड हो रहा है, डॉलर कमजोर।
डॉलर इंडेक्स : हाल के दिनों में 0.3-0.5% की गिरावट, सोने को फायदा।
सेंट्रल बैंक खरीदारी : पीबीओसी और अन्य बैंक रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन के लिए सोना बढ़ा रहे हैं।
ब्याज दरों की उम्मीद : फेड से 2026 में 2-3 रेट कट की संभावना, सोने के लिए सकारात्मक।
भू-राजनीतिक जोखिम : मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में तनाव बने हुए।
निवेश का फैसला: करें या इंतजार?
अभी सोने में निवेश करने का फैसला आपकी रिस्क प्रोफाइल पर निर्भर करता है। लंबी अवधि के लिए सोना मजबूत सुरक्षित निवेश बना हुआ है, क्योंकि वैश्विक कर्ज संकट और मुद्रा अवमूल्यन के जोखिम बने हुए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल के अंत तक भाव 6,000 डॉलर या उससे ऊपर जा सकता है।
लेकिन अल्पकालिक में अस्थिरता संभव है। अगर अमेरिकी आर्थिक डेटा मजबूत आया या येन में अचानक बदलाव हुआ, तो सुधार देखा जा सकता है। इसलिए:
SIP या छोटी मात्रा में खरीदें : बाजार की अस्थिरता से बचने के लिए।
फिजिकल गोल्ड : ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प, क्योंकि मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की चिंता नहीं।
डाइवर्सिफिकेशन : पोर्टफोलियो का 5-10% सोने में रखें, ज्यादा नहीं।
इंतजार : अगर कीमतें 5,100 डॉलर के ऊपर स्थिर हुईं, तो मजबूत खरीदारी का संकेत।
यह तेजी जापान से शुरू हुई है, लेकिन अब वैश्विक फैक्टर इसे सपोर्ट कर रहे हैं। निवेश से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें।