चांदी में तूफानी तेजी: ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका से MCX पर ₹15,500 की उछाल, प्रति किलो ₹2.75 लाख के पार

ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले की खबरों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। MCX पर चांदी के मार्च वायदा में एक दिन में 5-6% से अधिक की तेजी आई, जहां दाम ₹15,381 तक उछलकर ₹2,75,050 प्रति किलो पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सिल्वर $93 प्रति औंस के ऊपर चढ़ा, जिससे भारत में निवेशकों ने भारी खरीदारी की। यह तेजी भू-राजनीतिक जोखिम, इंडस्ट्रियल डिमांड और सुरक्षित निवेश की वजह से है।

चांदी में अचानक तूफानी तेजी, ईरान पर अमेरिकी अटैक की आशंका से बढ़े दाम; एक झटके में ₹15500 महंगी

MCX पर चांदी के मार्च 2026 अनुबंध ने आज भारी उछाल दर्ज किया है। पिछले सत्र के बंद भाव ₹2,59,669 प्रति किलो से खुलते ही तेजी शुरू हुई और दिन में उच्चतम स्तर ₹2,75,978 तक पहुंच गया। अभी तक ₹15,381 (लगभग 5.92%) की बढ़ोतरी के साथ भाव ₹2,75,050 पर कारोबार कर रहा है। दिन का निचला स्तर ₹2,64,100 रहा, जबकि औसत भाव ₹2,68,463 के आसपास दर्ज किया गया। वॉल्यूम में भी तेजी आई है, जहां 1,689 लॉट तक ट्रेडिंग हुई।

यह तेजी मुख्य रूप से मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ी है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसमें तेहरान और अन्य इलाकों में विस्फोटों की खबरें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे “मैसिव एंड ऑनगोइंग ऑपरेशन” बताया है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल खतरे को खत्म करना है। ईरान ने बदले की कार्रवाई की धमकी दी है, जिससे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

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ऐसे में निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। चांदी को गोल्ड की तुलना में अधिक वोलेटाइल लेकिन मजबूत सेफ-हेवन माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर सिल्वर $93.82 प्रति औंस तक चढ़ गया, जहां एक दिन में 6% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। यह स्तर पिछले कुछ महीनों के उच्चतम स्तरों के करीब है। भारत में रुपये की वैल्यू और इंपोर्ट ड्यूटी के प्रभाव से MCX पर यह तेजी और तेज हुई।

चांदी की मांग दोहरी वजहों से बढ़ रही है:

सुरक्षित निवेश की मांग — युद्ध जैसी स्थिति में निवेशक स्टॉक और करेंसी से दूर हटकर प्रेशियस मेटल्स में जाते हैं। चांदी में इंडस्ट्रियल यूज के कारण गोल्ड से तेज रिस्पॉन्स मिलता है।

इंडस्ट्रियल डिमांड — सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस और EV बैटरी में चांदी का भारी उपयोग होता है। भारत में रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ से यह डिमांड बनी रहती है।

ट्रेडर्स का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो COMEX पर सिल्वर $95-98 तक जा सकता है, जिससे MCX पर ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर टेस्ट हो सकता है। हालांकि, अगर डिप्लोमेसी से कोई ब्रेकथ्रू आता है तो प्रॉफिट बुकिंग से गिरावट भी संभव है।

मुख्य आंकड़े एक नजर में

MCX सिल्वर (मार्च 2026): ₹2,75,050 प्रति किलो (+₹15,381 या +5.92%)

दिन का रेंज: निम्न ₹2,64,100 — उच्च ₹2,75,978

पिछले सत्र बंद: ₹2,59,669

COMEX सिल्वर: $93.82 प्रति औंस (+6.28%)

भारत में स्पॉट सिल्वर: ₹90,951 प्रति किलो (बेसिक)

ट्रेडिंग टिप्स और सावधानियां

शॉर्ट टर्म में तेजी बनी रह सकती है, लेकिन वोलेटिलिटी ज्यादा है। स्टॉप लॉस के साथ पोजीशन लें।

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लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चांदी इंडस्ट्रियल ग्रोथ से फायदेमंद साबित हो सकती है।

बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव संभव, इसलिए रियल-टाइम अपडेट्स पर नजर रखें।

Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च और विशेषज्ञ सलाह लें। बाजार जोखिमों से भरा है।

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