“भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्रांति अब छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 इलाकों तक पहुंच गई है। यहां कुल बिक्री का बड़ा हिस्सा आ रहा है, जहां किफायती कीमत, बेहतर रेंज और कम चलने का खर्च ग्राहकों को लुभा रहा है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कुछ फोर-व्हीलर मॉडल्स में 70% तक बिक्री नॉन-मेट्रो शहरों से हो रही है, जो मेट्रो शहरों से ज्यादा तेज ग्रोथ दिखा रहे हैं।”
भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालिया ट्रेंड्स बताते हैं कि कई पॉपुलर EV मॉडल्स की कुल बिक्री का 70% हिस्सा अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहा है। यह बदलाव मुख्य रूप से किफायती कीमत, लंबी रेंज, कम मेंटेनेंस कॉस्ट और घर पर आसान चार्जिंग की सुविधा से आया है। जहां मेट्रो शहरों में ट्रैफिक और पार्किंग जैसी समस्याएं EV को चुनौती देती हैं, वहीं छोटे शहरों में ये वाहन रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परफेक्ट साबित हो रहे हैं।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में यह ट्रेंड सबसे साफ दिखता है। TVS iQube, Bajaj Chetak और Ather Rizta जैसे मॉडल्स छोटे शहरों में खूब पसंद किए जा रहे हैं। इनकी बिक्री में टियर-2 और टियर-3 शहरों का योगदान 60-70% तक पहुंच गया है। उदाहरण के लिए, Bajaj Chetak की मजबूत बिल्ड क्वालिटी और विस्तृत सर्विस नेटवर्क के कारण छोटे शहरों में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। फरवरी 2026 में Bajaj ने 25,000 से ज्यादा Chetak यूनिट्स बेचीं, जिनमें से बड़ा हिस्सा नॉन-मेट्रो इलाकों से था।
TVS iQube भी इसी वजह से लीडर बना हुआ है। इसकी रेंज 100-150 किमी तक और किफायती वैरिएंट्स ने छोटे शहरों के कम्यूटर्स को आकर्षित किया है। जनवरी-फरवरी 2026 में TVS ने 30,000-34,000 यूनिट्स की मासिक बिक्री दर्ज की, जिसमें टियर-2/3 शहरों की हिस्सेदारी प्रमुख रही। Ather Energy की Rizta मॉडल फैमिली यूज के लिए पॉपुलर हो रही है, खासकर जहां फैमिली कम्यूटिंग ज्यादा होती है।
इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर में MG Windsor EV सबसे बड़ा उदाहरण है। इसकी कुल बिक्री का 70% हिस्सा नॉन-मेट्रो शहरों से आ रहा है। इसकी शुरूआती कीमत 10 लाख रुपये के आसपास और 300-450 किमी की रेंज ने छोटे शहरों के ग्राहकों को लुभाया है। यहां लोग लंबी दूरी की यात्रा और फैमिली यूज के लिए इसे चुन रहे हैं। महिंद्रा BE 6 और Tata Punch EV भी टियर-2/3 में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां ग्रामीण इलाकों से आने वाली मांग बढ़ रही है।
प्रमुख कारण जो छोटे शहरों में EV की बिक्री बढ़ा रहे हैं
कम चलने का खर्च : पेट्रोल की तुलना में EV पर प्रति किमी खर्च 1-2 रुपये तक रह जाता है, जो छोटे शहरों में जहां आय सीमित होती है, बड़ा फायदा देता है।
सरकारी इंसेंटिव्स : FAME-III और राज्य स्तर की सब्सिडी, रोड टैक्स छूट EV को और सस्ता बनाती हैं।
बेहतर रेंज और बैटरी : नई मॉडल्स में 100-400 किमी रेंज मिल रही है, जो छोटे शहरों की 50-100 किमी दैनिक यात्रा के लिए पर्याप्त है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर : घरेलू चार्जिंग और लोकल स्टेशनों की बढ़ती संख्या ने रेंज एंग्जायटी कम की है।
सर्विस नेटवर्क : Bajaj, TVS और Hero जैसे ब्रांड्स ने टियर-3 शहरों तक डीलरशिप बढ़ाई है।
प्रमुख EV मॉडल्स और उनकी अपील (छोटे शहरों में)
| मॉडल | सेगमेंट | शुरूआती कीमत (लगभग) | रेंज (किमी) | छोटे शहरों में खासियत |
|---|---|---|---|---|
| Bajaj Chetak | स्कूटर | 90,000-1.2 लाख | 120-150 | मजबूत बिल्ड, विस्तृत सर्विस |
| TVS iQube | स्कूटर | 1-1.5 लाख | 100-150 | किफायती वैरिएंट्स, अच्छी रेंज |
| Ather Rizta | स्कूटर | 1-1.3 लाख | 100-150 | फैमिली फ्रेंडली, कनेक्टेड फीचर्स |
| MG Windsor EV | कार | 10-15 लाख | 300-450 | लंबी रेंज, फैमिली यूज |
| Tata Punch EV | कार | 10-15 लाख | 300-400 | कॉम्पैक्ट, शहर-ग्रामीण दोनों के लिए |
यह ट्रेंड बताता है कि EV अब सिर्फ मेट्रो शहरों की चीज नहीं रहे। छोटे शहरों में जहां दोपहिया वाहन रोजगार और कम्यूटिंग का मुख्य साधन हैं, वहां EV की एंट्री ने नई क्रांति ला दी है। आने वाले महीनों में चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार से यह ग्रोथ और तेज होगी।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध ट्रेंड्स और बाजार डेटा पर आधारित है। वाहन खरीदने से पहले लोकल डीलर से नवीनतम कीमत, रेंज और उपलब्धता की जांच करें।