**_ बिटकॉइन की कीमत में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है, जहां यह 68,000 डॉलर के स्तर के आसपास पहुंच गया है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में भारी इनफ्लो के साथ संस्थागत खरीदारी बढ़ी है, जबकि ट्रंप प्रशासन की पॉलिसी और मार्केट सेंटिमेंट ने भी सपोर्ट दिया है। पिछले 24 घंटों में कीमत में 2-5% तक का उछाल दर्ज किया गया, लेकिन वोलेटिलिटी बनी हुई है। _**
बिटकॉइन (Bitcoin) ने हालिया गिरावट से उबरते हुए मजबूत रिकवरी दिखाई है। वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 68,000 डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रही है, जहां यह 66,500-67,000 डॉलर के निचले स्तर से ऊपर चढ़ चुका है। पिछले 24 घंटों में कीमत में 2-4% तक का उछाल देखा गया, जबकि 24 घंटे का ट्रेडिंग वॉल्यूम 52 बिलियन डॉलर से अधिक रहा है। भारतीय रुपए में बिटकॉइन की कीमत करीब 62 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई है।
यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में आए भारी इनफ्लो से प्रेरित है। 25 फरवरी को इन ETF में कुल 506.5 मिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया, जो तीन हफ्तों में सबसे ज्यादा है। पिछले दो दिनों में कुल इनफ्लो 760 मिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है। इससे पहले पांच हफ्तों तक लगातार आउटफ्लो देखा गया था, जिसमें करीब 3.8 बिलियन डॉलर की निकासी हुई, लेकिन अब ट्रेंड पलट गया है।
ब्लैकरॉक का iShares Bitcoin Trust (IBIT) इस इनफ्लो में सबसे आगे रहा, जहां एक दिन में 297 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश आया। ग्रेस्केल का GBTC भी पॉजिटिव फ्लो में शामिल हुआ, जहां 102 मिलियन डॉलर का इनफ्लो देखा गया। फिडेलिटी और बिटवाइज जैसे अन्य फंड्स में भी 30-40 मिलियन डॉलर के आसपास इनफ्लो दर्ज हुआ। यह संस्थागत निवेशकों की वापसी का संकेत है, जो हालिया गिरावट में बिटकॉइन को सस्ते दाम पर खरीद रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन की क्रिप्टो-फ्रेंडली पॉलिसी भी इस उछाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हाल के स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस में क्रिप्टो इनोवेशन और अमेरिका में टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर जोर दिया गया, जिससे रिस्क एसेट्स में सेंटिमेंट सुधरा। बिटकॉइन को डिजिटल गोल्ड के रूप में देखा जा रहा है, जो मुद्रास्फीति और जियोपॉलिटिकल रिस्क के खिलाफ हेज के तौर पर काम कर रहा है।
बिटकॉइन नेटवर्क पर एक्टिव एड्रेस और डेली ट्रांजेक्शन में भी तेजी आई है, जो यूजर एक्टिविटी बढ़ने का संकेत देती है। डेवलपर्स द्वारा प्रोग्रामेबिलिटी, सिक्योरिटी और स्केलेबिलिटी में अपग्रेड पर चर्चा चल रही है, जो लॉन्ग-टर्म एडॉप्शन को बूस्ट दे सकती है।
कीमत के तकनीकी स्तरों पर नजर डालें तो:
सपोर्ट स्तर: 66,500-67,000 डॉलर (यहां से बाउंस हुआ)
रेसिस्टेंस स्तर: 70,000 डॉलर (अगला बड़ा टारगेट)
अगर 70,000 डॉलर टूटता है तो 72,000-75,000 डॉलर तक तेजी संभव
हालांकि वोलेटिलिटी बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन 126,000 डॉलर के ऑल-टाइम हाई से करीब 50% तक गिर चुका था, लेकिन अब रिकवरी मोड में है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ETF इनफ्लो जारी रहा और मैक्रो कंडीशंस सपोर्टिव रहीं तो 2026 में 95,000-120,000 डॉलर तक पहुंचना संभव है, जबकि मजबूत साइकिल में 140,000-180,000 डॉलर के टारगेट भी चर्चा में हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए बिटकॉइन अब भी हाई-रिस्क एसेट है। रेगुलेटरी अनिश्चितता, टैक्सेशन (30% फ्लैट टैक्स + 1% TDS) और मार्केट वोलेटिलिटी को ध्यान में रखना जरूरी है। केवल उतना ही निवेश करें जितना खोने का जोखिम उठा सकें।
Disclaimer: यह लेख सूचना के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा होता है।