“दो दिनों की तेजी के बाद आज चांदी की कीमतों में 10% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोने में भी 3% से अधिक का नुकसान हुआ। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है, और चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनावों में कमी से दबाव बढ़ा, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।”
आज भारतीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। दो दिनों की लगातार तेजी के बाद चांदी में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जबकि सोने की कीमतों में भी 3 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1.40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जो 1,50,906 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी के भाव में 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,52,719 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए। स्पॉट मार्केट में सोने की कीमत 1,53,106 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जो कल के मुकाबले 4,500 रुपये कम है।
वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स पर सोने के भाव में 1.61 प्रतिशत की कमी आई, जो 4,870.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए। चांदी में भी 16 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई, जो हालिया रैली को पलटते हुए दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व की सख्त नीति और तकनीकी शेयरों में वैश्विक बिकवाली ने इन कीमतों पर दबाव डाला। इसके अलावा, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में सुधार के संकेत और ईरान के साथ बातचीत की संभावनाओं ने सेफ-हेवन डिमांड को कम किया।
भारत में सोने की मांग में गिरावट के बावजूद, आभूषण क्षेत्र में सीजनल प्रभाव दिख रहा है। जनवरी 2026 में सोने की खपत में 3.57 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि घरेलू उत्पादन में मामूली वृद्धि हुई। बजट 2026 में सोने पर कस्टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत तक घटाने से लंबे समय में राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में सतर्कता बनी हुई है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि 1,45,000-1,48,000 रुपये के सपोर्ट लेवल पर खरीदारी का मौका तलाशें, क्योंकि मध्यम अवधि में कीमतें 1,65,000-1,75,000 रुपये तक जा सकती हैं।
चांदी के मामले में, औद्योगिक मांग में कमी प्रमुख कारक बनी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल सेक्टर में सुस्ती ने कीमतों को प्रभावित किया। एमसीएक्स पर चांदी के मार्च वायदा में 26,850 रुपये की गिरावट के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए। विशेषज्ञों के अनुसार, 2,35,000-2,50,000 रुपये का सपोर्ट जोन मजबूत है, और यहां से रिकवरी होकर 3,00,000-3,25,000 रुपये तक जाने की संभावना है। हालांकि, अगर यह स्तर टूटा तो और गिरावट आ सकती है।
प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें (5 फरवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में प्रमुख शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतें (प्रति 10 ग्राम) और चांदी की कीमतें (प्रति किलोग्राम) दिखाई गई हैं। ये कीमतें स्थानीय करों, मांग और परिवहन लागत के आधार पर भिन्न हो सकती हैं।
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलोग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,59,730 रुपये | 1,46,440 रुपये | 3,00,000 रुपये |
| मुंबई | 1,59,590 रुपये | 1,46,320 रुपये | 3,00,000 रुपये |
| चेन्नई | 1,62,680 रुपये | 1,49,120 रुपये | 3,37,100 रुपये |
| कोलकाता | 1,59,570 रुपये | 1,46,300 रुपये | 3,00,000 रुपये |
| बेंगलुरु | 1,59,560 रुपये | 1,46,300 रुपये | 3,00,000 रुपये |
| हैदराबाद | 1,62,680 रुपये | 1,49,120 रुपये | 3,00,000 रुपये |
| पुणे | 1,59,610 रुपये | 1,46,340 रुपये | 3,00,000 रुपये |
| अहमदाबाद | 1,59,600 रुपये | 1,46,330 रुपये | 3,00,000 रुपये |
डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा, जिससे डॉलर में मूल्यांकित सोने और चांदी महंगे हो गए। फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियों और केविन वार्श की नामांकन ने दर कटौती की उम्मीदों को कम किया।
भू-राजनीतिक तनावों में कमी: अमेरिका-ईरान वार्ता और ट्रम्प-शी जिनपिंग की कॉल से सेफ-हेवन अपील घटी। वैश्विक स्थिरता के संकेतों ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स की ओर मोड़ा।
वैश्विक बाजार में बिकवाली: तकनीकी शेयरों में गिरावट का असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा। एआई खर्च पर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क बनाया।
घरेलू कारक: भारत में सोने की खपत में गिरावट और औद्योगिक मांग में सुस्ती ने दबाव बढ़ाया। हालांकि, कस्टम ड्यूटी में कटौती से भविष्य में सुधार की उम्मीद है।
तकनीकी स्तर: सोने में 1,55,000-1,60,000 रुपये का प्रतिरोध टूटा, जबकि चांदी में 2,50,000 रुपये का स्तर कमजोर पड़ा।
निवेशकों के लिए सलाह और रणनीति
निवेशकों को सलाह है कि गिरावट को खरीदारी का अवसर मानें, लेकिन जोखिम प्रबंधन करें। ईटीएफ जैसे गोल्ड ईटीएफ या सिल्वर ईटीएफ में निवेश से विविधीकरण संभव है। लंबी अवधि में, बढ़ते अमेरिकी कर्ज, डी-डॉलराइजेशन और सेंट्रल बैंक डिमांड से कीमतें ऊपर जा सकती हैं। हालांकि, निकट अवधि में अस्थिरता बनी रह सकती है।
बाजार ट्रेंड और पूर्वानुमान
जनवरी 2026 में सोने की कीमतें 20 प्रतिशत तक बढ़ीं, लेकिन फरवरी में सुधार आया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में सोना 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 3,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम। चीन में उत्पादन वृद्धि और भारत में आयात लागत में कमी से बाजार संतुलित हो सकता है। निवेशक फेडरल रिजर्व की अगली बैठक और अमेरिका-चीन व्यापार समाचार पर नजर रखें।
आभूषण ब्रांड्स की कीमतें
प्रमुख ज्वेलर्स जैसे तनिष्क, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स और जोयालुक्कास में 22 कैरेट सोने की कीमत 14,155-14,655 रुपये प्रति ग्राम है। मेकिंग चार्ज और जीएसटी अलग से लगते हैं। चांदी के आभूषणों में भी 20 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट आई।
औद्योगिक प्रभाव
चांदी की गिरावट से इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर में लागत कम हो सकती है, लेकिन उत्पादकों पर दबाव बढ़ेगा। सोने की कीमतों में कमी से शादी सीजन में मांग बढ़ सकती है, लेकिन निवेशक सतर्क रहें।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट टिप्स और स्रोतों पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।