“पाकिस्तान की आर्थिक संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से बड़ा राहत पैकेज मिला है। IMF के साथ चल रहे कार्यक्रम के बाद ADB ने 2026-2030 के लिए नई कंट्री पार्टनरशिप स्ट्रैटेजी लॉन्च की, जिसमें अगले पांच वर्षों में लगभग 10 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग देने का ऐलान किया गया है। यह सहायता प्राइवेट सेक्टर लीड ग्रोथ, इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाइमेट रेजिलिएंस और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेगी, जिससे पाकिस्तान की सस्टेनेबल रिकवरी में तेजी आएगी।”
कंगाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को IMF के बाद अब एशियन डेवलपमेंट बैंक का बड़ा सहारा
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जहां गरीबी दर 29% के करीब पहुंच गई है और असमानता 27 साल के उच्चतम स्तर पर है। IMF के 7 अरब डॉलर के एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) कार्यक्रम के तहत हाल ही में रिव्यूज पूरे होने के बाद 1.2 अरब डॉलर की डिस्बर्समेंट हुई, लेकिन देश को और बड़े पैमाने पर फंडिंग की जरूरत है। ऐसे में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने पाकिस्तान के लिए 2026-2030 की नई कंट्री पार्टनरशिप स्ट्रैटेजी (CPS) लॉन्च की है।
इस स्ट्रैटेजी के तहत ADB पाकिस्तान को अगले पांच सालों में लगभग 10 अरब डॉलर (कुछ अनुमानों में 10-12 अरब डॉलर) की फाइनेंसिंग उपलब्ध कराएगा। यह फंडिंग मुख्य रूप से प्राइवेट सेक्टर लीड डेवलपमेंट पर केंद्रित होगी, जिसमें रेगुलेटरी बर्डन कम करना, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना, फाइनेंस तक पहुंच सुधारना, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को प्रमोट करना और प्राइवेट सेक्टर ऑपरेशंस को बूस्ट देना शामिल है।
ADB की यह रणनीति पाकिस्तान की सस्टेनेबल और इनक्लूसिव ग्रोथ में ट्रांजिशन को सपोर्ट करेगी। पिछले साल ADB ने पाकिस्तान को रिकॉर्ड 2.6 अरब डॉलर के लोन अप्रूव किए थे, जो इस दिशा में निरंतरता दर्शाता है। नई स्ट्रैटेजी में क्रिटिकल मिनरल्स वैल्यू चेन के डेवलपमेंट को भी प्राथमिकता दी गई है, जैसे रेको डिक कॉपर-गोल्ड माइन प्रोजेक्ट के लिए पहले ही फाइनेंसिंग पैकेज अप्रूव हो चुका है।
इसके अलावा, ADB इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस पर फोकस करेगा, जिसमें पॉलिसी रिफॉर्म्स, सोवरेन और नॉन-सोवरेन फाइनेंसिंग, टेक्निकल असिस्टेंस और नॉलेज सपोर्ट शामिल होंगे। यह पाकिस्तान के उभरते चैलेंजेस जैसे क्लाइमेट चेंज, एनर्जी क्राइसिस और इंफ्रास्ट्रक्चर गैप्स को संबोधित करेगा।
पाकिस्तान की इकोनॉमी अभी भी हाई इन्फ्लेशन, लो ग्रोथ और एक्सटर्नल डेब्ट प्रेशर से जूझ रही है। IMF प्रोग्राम के तहत टैक्स बेस ब्रॉडनिंग, स्टेट-ओन्ड एंटरप्राइजेज की रिफॉर्म और रिजर्व्स बिल्डअप जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन ADB की यह लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग देश को ब्रेक देने वाली साबित हो सकती है।
मुख्य क्षेत्र जहां फोकस रहेगा:
प्राइवेट सेक्टर डेवलपमेंट और PPP मॉडल
क्लाइमेट रेजिलिएंस और क्लीन एनर्जी
इंफ्रास्ट्रक्चर (रेलवे, पावर ट्रांसमिशन आदि)
क्रिटिकल मिनरल्स एक्सप्लोरेशन
फाइनेंशियल इनक्लूजन और रूरल डेवलपमेंट
यह सहायता पाकिस्तान को IMF निर्भरता से बाहर निकालने और सेल्फ-रिलायंस की ओर बढ़ने में मदद करेगी, बशर्ते रिफॉर्म्स सही तरीके से इम्प्लीमेंट हों।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न इंटरनेशनल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस की हालिया घोषणाओं और रिपोर्ट्स पर आधारित है।