जिस कंपनी को कभी अनिल अंबानी की Reliance Group ने दिवालिया होने के बाद बेचा था, अब उसमें Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामथ और Quant Mutual Fund ने बड़े पैमाने पर निवेश किया है। Hazel Infra ने कंपनी में 5% हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS चलाया, जिसकी वैल्यू करीब 500 करोड़ रुपये रही। Swan Defence and Heavy Industries (पहले Reliance Naval and Engineering) के शेयरों में यह खरीदारी निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर रही है।
निखिल कामथ और Quant MF ने Swan Defence में की बड़ी खरीदारी
Swan Defence and Heavy Industries Ltd, जो पहले Reliance Naval and Engineering के नाम से जानी जाती थी, अनिल अंबानी की Reliance Group की वह कंपनी थी जो जहाज निर्माण और डिफेंस सेक्टर में सक्रिय थी। कंपनी दिवालिया प्रक्रिया से गुजरी और बाद में Swan Energy के अधिग्रहण के बाद इसका नाम बदला गया। अब इस कंपनी में बड़े निवेशकों की एंट्री हो रही है।
Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामथ ने कंपनी के शेयरों में महत्वपूर्ण खरीदारी की है। साथ ही Quant Mutual Fund ने भी हिस्सेदारी बढ़ाई है। हाल ही में Hazel Infra ने कंपनी में अपनी 5% हिस्सेदारी बेची, जो OFS (Offer for Sale) के जरिए हुई। इस OFS की कुल वैल्यू लगभग 500 करोड़ रुपये आंकी गई है।
यह खरीदारी कंपनी के शेयर प्राइस में तेजी लाई है। पिछले कुछ दिनों में Swan Defence के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कंपनी अब डिफेंस और हैवी इंडस्ट्रीज सेक्टर में नए ऑर्डर और प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है, जहां भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़ाने की नीतियां सहायक साबित हो रही हैं।
निखिल कामथ, जो Zerodha के साथ-साथ कई स्टार्टअप्स और फंड्स में निवेश करते हैं, ने इस डील से डिफेंस सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Quant MF, जो अपनी आक्रामक निवेश रणनीति के लिए जाना जाता है, ने भी इस मौके को भुनाया। दोनों निवेशकों की यह खरीदारी कंपनी की प्रमोटर हिस्सेदारी और मार्केट सेंटीमेंट पर सकारात्मक असर डाल रही है।
कंपनी की बैकग्राउंड में Reliance Naval के दौर में भारी कर्ज और दिवालिया प्रक्रिया शामिल थी, लेकिन Swan Group के अधिग्रहण के बाद यह रिवाइवल मोड में है। नए मैनेजमेंट ने जहाज निर्माण, रिपेयर और डिफेंस इक्विपमेंट पर फोकस बढ़ाया है। हाल के महीनों में कंपनी को कुछ सरकारी और प्राइवेट सेक्टर से जुड़े ऑर्डर मिले हैं, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद जगी है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिफेंस सेक्टर में भारत की बढ़ती जरूरतों के कारण ऐसी कंपनियां अट्रैक्टिव बन रही हैं। निखिल कामथ जैसे हाई-प्रोफाइल निवेशक की एंट्री से छोटे निवेशकों में भी दिलचस्पी बढ़ी है। OFS के जरिए हिस्सेदारी बिकने से लिक्विडिटी बढ़ी और शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम उछला।
यह निवेश भारतीय स्टॉक मार्केट में बड़े फाउंडर्स और फंड हाउसेज के बीच डिफेंस और इंफ्रा सेक्टर में बढ़ते इंटरेस्ट को दर्शाता है। Swan Defence अब नए प्रोजेक्ट्स और पार्टनरशिप्स के जरिए ग्रोथ ट्रैक पर लौटने की कोशिश में जुटी है।