शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1342 अंक टूटा, निफ्टी 23866 पर बंद; निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ से ज्यादा डूबे

“आज भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दौर रहा। सेंसेक्स 1,342 अंक या 1.72% गिरकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 394.75 अंक या 1.63% लुढ़ककर 23,866.85 के स्तर पर क्लोज हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से क्रूड ऑयल की कीमतें $92.86 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे बाजार में पैनिक सेलिंग देखी गई। बैंकिंग, ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जबकि कुछ डिफेंस और फार्मा स्टॉक्स ने हल्की बढ़त दिखाई। कुल मिलाकर, बाजार से ₹6 लाख करोड़ से अधिक की मार्केट कैपिटलाइजेशन गायब हो गई।”

शेयर बाजार क्रैश: भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, निफ्टी 23866 पर क्लोज; सेंसेक्स 1342 अंक टूटा

आज कारोबार के दौरान भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखी गई, जिससे प्रमुख सूचकांक गहरे लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1,342.27 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,863.71 पर सेटल हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 394.75 अंक टूटकर 23,866.85 के स्तर पर पहुंचा। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 1,446.72 अंक तक की गिरावट दर्ज की थी, जो 1.84% की कमी दर्शाता है।

इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा, जहां अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। इससे ग्लोबल क्रूड ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5.76% उछलकर $92.86 प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे क्रूड आयातक देश के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने, चालू खाता घाटा फैलने और रुपये पर दबाव बढ़ने का खतरा मंडराता है।

बाजार में सेक्टोरल ब्रेकडाउन देखें तो बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.13% गिरकर 55,735.75 पर बंद हुआ। प्रमुख लूजर्स में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, ईचर मोटर्स और एमएंडएम जैसे स्टॉक्स 4-5% तक टूटे। वहीं, कुछ गेनर्स में विप्रो, जियो फाइनेंशियल, कोल इंडिया, सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल रहे, जो 1-2% तक ऊपर बंद हुए।

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मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी नुकसान हुआ। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल वैल्यू में ₹6 लाख करोड़ से अधिक की कमी आई, जो निवेशकों के लिए बड़ा झटका है। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो बेहद कमजोर रहा, जहां सिर्फ 8 स्टॉक्स बढ़े जबकि 42 गिरे।

ग्लोबल संकेत भी कमजोर थे। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई, जहां साउथ कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई में भी गिरावट दर्ज हुई। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्रों से जारी कमजोरी का असर पड़ा। एफआईआई ने लगातार बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने कुछ हद तक सपोर्ट किया।

टेक्निकल स्तर पर निफ्टी ने 23,834.30 के इंट्राडे लो को छुआ, जो 11 महीने का निचला स्तर है। 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर टूटने से आगे और गिरावट का खतरा बढ़ गया है। सपोर्ट स्तर अब 23,700-23,500 के आसपास देखा जा रहा है, जबकि रेजिस्टेंस 24,200-24,500 पर है।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस:

निफ्टी बैंक : -2.13% (55,735.75)

निफ्टी ऑटो : भारी गिरावट, मारुति और एमएंडएम जैसे स्टॉक्स 4-5% टूटे

निफ्टी आईटी : मिश्रित, कुछ स्टॉक्स में हल्की बढ़त

निफ्टी फार्मा : रिलेटिवली मजबूत, सन फार्मा और डॉ रेड्डीज ऊपर

निफ्टी मेटल : दबाव में, लेकिन कुछ रिकवरी

निवेशकों को सलाह है कि वोलेटिलिटी बनी रह सकती है। क्रूड ऑयल की कीमतों पर नजर रखें, क्योंकि अगर यह $95 के ऊपर टिका तो और गिरावट संभव है। लॉन्ग टर्म निवेशक क्वालिटी स्टॉक्स में डिप पर खरीदारी के अवसर तलाश सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में सतर्क रहना जरूरी है।

Disclaimer: यह लेख समाचार और बाजार अपडेट पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।

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