“चांदी की कीमतों में पिछले 7 दिनों में ₹1.90 लाख प्रति किलो की गिरावट आई है, जो मजबूत डॉलर, भू-राजनीतिक तनावों में कमी और प्रॉफिट बुकिंग से प्रभावित है; विशेषज्ञों का अनुमान है कि 25 फरवरी तक कीमतें ₹2.10 लाख तक गिर सकती हैं, जबकि लंबी अवधि में रिकवरी की संभावना बनी हुई है।”
चांदी की कीमतों में गिरावट का विश्लेषण चांदी की कीमतें MCX पर मार्च डिलीवरी के लिए ₹2,43,815 प्रति किलो तक गिर चुकी हैं, जो पिछले सप्ताह के रिकॉर्ड हाई ₹4,20,048 से ₹1.76 लाख नीचे है। पिछले 7 दिनों में कुल गिरावट ₹1.90 लाख तक पहुंच गई, जिसमें गुरुवार को ही ₹25,035 की कमी आई। स्पॉट मार्केट में 1 ग्राम चांदी ₹242 पर ट्रेड हो रही है, जबकि 1 किलो ₹2,41,610 है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर $68.19 प्रति औंस तक गिरा, जो 4.2% की दैनिक कमी दर्शाता है।
गिरावट के प्रमुख कारण
मजबूत अमेरिकी डॉलर : US Dollar Index में 2.5% की बढ़ोतरी से डॉलर-प्राइस्ड कमोडिटी महंगी हो गई, जिससे विदेशी मुद्रा धारकों ने बिकवाली बढ़ाई।
भू-राजनीतिक तनावों में कमी : US-Iran परमाणु वार्ता और Trump-Xi कॉल से सेफ-हेवन डिमांड घटी, जिसने सिल्वर की अपील कम की।
प्रॉफिट बुकिंग और मार्जिन हाइक : CME Group ने सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन 15% से बढ़ाकर 18% कर दिया, जिससे लेवरेज्ड पोजिशन्स की फोर्स्ड सेलिंग हुई।
टेक सेक्टर में दबाव : सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर पैनल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स) में कमी आई, क्योंकि ग्लोबल टेक सेलऑफ ने सप्लाई चेन प्रभावित की।
मॉनेटरी पॉलिसी शिफ्ट : US President Donald Trump की ओर से Kevin Warsh को Fed चेयर नामित करने से रेट कट्स की उम्मीदें घटीं, जिसने रियल यील्ड्स बढ़ाईं।
शहर-वार चांदी की मौजूदा कीमतें (प्रति किलो) नीचे दी गई टेबल में प्रमुख शहरों में चांदी की रिटेल कीमतें दर्शाई गई हैं, जो MCX और लोकल मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित हैं:
| शहर | चांदी की कीमत (₹ प्रति किलो) | दैनिक बदलाव (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 2,75,000 | -25,000 |
| मुंबई | 2,80,000 | -20,000 |
| चेन्नई | 2,80,000 | -20,000 |
| कोलकाता | 2,75,000 | -25,000 |
| बेंगलुरु | 2,51,790 | -19,210 |
| हैदराबाद | 2,51,790 | -19,210 |
| अहमदाबाद | 2,41,610 | -18,390 |
ये कीमतें 999 प्योरिटी सिल्वर के लिए हैं, और लोकल टैक्सेस (जैसे GST) अतिरिक्त लागू हो सकते हैं।
पिछले 7 दिनों का प्राइस ट्रेंड चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई, जो ओवरबॉट पोजिशन्स से शुरू हुई। यहां दैनिक बदलाव की डिटेल:
30 जनवरी: ₹3,50,000 (पीक से करीब)
31 जनवरी: -₹45,000 (बजट डे वोलेटिलिटी)
1 फरवरी: -₹20,000 (डॉलर रिबाउंड)
2 फरवरी: -₹30,000 (मार्जिन हाइक प्रभाव)
3 फरवरी: -₹25,000 (टेक सेलऑफ)
4 फरवरी: -₹24,103 (MCX क्लोज)
5 फरवरी: -₹26,850 (10% ड्रॉप)
6 फरवरी: -₹25,035 (कुल 7-दिन ड्रॉप ₹1.90 लाख)
यह ट्रेंड 45% की कुल गिरावट दर्शाता है, जो 1980 और 2011 के क्रैश से मिलता-जुलता है, लेकिन मॉडर्न फैक्टर्स जैसे लेवरेज और मैक्रो रीप्राइसिंग से प्रभावित।
विशेषज्ञों की राय
Akshat Garg (Choice Wealth) : “सिल्वर की गिरावट ओवरहीटेड रैली का नतीजा है; शॉर्ट-टर्म सेलिंग जारी रहेगी, लेकिन फंडामेंटल्स मजबूत हैं क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड सप्लाई से ज्यादा है।”
Suki Cooper (Standard Chartered) : “मार्केट ओवरबॉट था; चीन और भारत की डिमांड रिज्यूम होने पर रिकवरी संभव, लेकिन फरवरी में डाउनसाइड रिस्क बरकरार।”
Jigar Trivedi (IndusInd Securities) : “MCX सिल्वर मार्च ₹2,35,000 तक गिर सकता है; ट्रेडर्स को सेल-ऑन-राइज स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए।”
Nicky Shiels (MKS PAMP) : “वोलेटिलिटी अनहर्ड-ऑफ है; सिल्वर का मार्केट ब्रोकन लगता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म बुलिश क्योंकि सेफ-हेवन और टेक यूज बढ़ेगा।”
Sunil Subramaniam : “फरवरी अंत तक मिड-टीन्स रैली संभव, लेकिन अनवाइंडिंग के बाद; इनवेस्टर्स को डिप पर बाय करना चाहिए।”
विशेषज्ञों का एकमत है कि 25 फरवरी तक कीमतें और गिर सकती हैं, संभावित फ्लोर ₹2,10,000 – ₹2,35,000 पर, लेकिन मार्च से रिकवरी की उम्मीद क्योंकि सीजनल डिमांड (चीन, भारत) बढ़ेगी।
भविष्य की संभावनाएं और रिस्क फैक्टर्स
शॉर्ट-टर्म फोरकास्ट : फरवरी 2026 में औसत कीमत $81.14 प्रति औंस (लगभग ₹2,61,000 प्रति किलो) रह सकती है, लेकिन लो $65.17 ($2,10,000) तक गिरावट संभव। JP Morgan का अनुमान $75-80 ($2,41,000 – ₹2,57,000) फ्लोर है।
लॉन्ग-टर्म आउटलुक : 2026 अंत तक $161.89 प्रति औंस ($5,20,000 प्रति किलो) तक पहुंच सकता है, जो 112% ग्रोथ दर्शाता है। 2030 तक $197.31 ($6,35,000)।
रिस्क्स : अगर Fed रेट्स नहीं काटता या डॉलर मजबूत रहता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। उलटे, अगर जियोपॉलिटिकल टेंशन्स बढ़ें (जैसे वेनेजुएला क्राइसिस), तो रिबाउंड तेज होगा।
इनवेस्टमेंट टिप्स : ETF में डिप पर एंटर करें, लेकिन वोलेटिलिटी मैनेज करें। फिजिकल सिल्वर के लिए लोकल डीलर्स से GST और प्योरिटी चेक करें। सिल्वर का beta गोल्ड से 2.5-3x ज्यादा है, इसलिए रिस्क हाई।
सिल्वर vs गोल्ड तुलना नीचे टेबल में चांदी और सोने की हालिया परफॉर्मेंस की तुलना:
| मेटल | 7-दिन ड्रॉप (%) | मौजूदा कीमत (₹ प्रति 10 ग्राम/किलो) | अनुमानित फरवरी एंड |
|---|---|---|---|
| चांदी | 45% | ₹2,416 (10 ग्राम) / ₹2,41,610 (किलो) | ₹2,10,000 – ₹2,35,000 |
| सोना | 10% | ₹1,59,730 (10 ग्राम) | ₹1,50,000 – ₹1,75,000 |
यह दिखाता है कि चांदी की गिरावट सोने से दोगुनी तेज है, लेकिन रिकवरी पोटेंशियल भी ज्यादा।
मार्केट इंपैक्ट भारतीय ETF जैसे iShares Silver Trust में 21% गिरावट आई, जबकि फ्यूचर्स में वॉल्यूम 6,160 लॉट्स तक पहुंचा। बजट 2026 के बाद इंपोर्ट ड्यूटीज में कोई बदलाव न होने से डोमेस्टिक प्राइसेज ग्लोबल ट्रेंड्स से जुड़े रहे। इंडस्ट्रियल यूजर्स (जैसे सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) को राहत मिली, लेकिन ज्वेलरी सेक्टर में डिमांड घटी।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार ट्रेंड्स, रिपोर्ट्स और टिप्स पर आधारित है; स्रोतों से प्राप्त डेटा का उपयोग किया गया है, लेकिन निवेश सलाह नहीं है।